पहलू खान के लिंचिंग केस में सभी आरोपी बरी, अखिलेश twits कर के बोले देश-शोकतंत्र की ओर


राजस्थान के बहुत चर्चित केस (पहलू खान ) मोब लिंचिंग कांड के सभी आरोपी को बरी(अलवर ADJ court ने) कर दिया गया वो भी कुछ वाहियाद evidence के जरिये।

तो आप को 6 वाहियाद evidence के बारे में।

1. Video को ऐडमिसिबल साबूत नही मन।

2. FSL रिपोर्ट नही आई, video को evidence के तौर पर नही रखा गया। (इस पर भी 1सवाल हो सकता है, की FSL रिपोर्ट क्यो नही बनाया राजस्थान police ने)
3. Video बनाने वाला व्यक्ति सही जानकारी नही दे रहा था।
4. राजस्थान police ने शिनाख्त सही से नही की, गवाहों पर भरोसा नही
5. Mobile की CDR को भरोसेमंद evidence नही मना
6. Postmartam रिपोर्ट में पिटाई की बात साफ साफ नही बताई गई

और सब से अहम बात पहलु खान मारते time जो नाम बताये उस पर भी जयपुर court ने अहमियत नही दिया। ये है, जिस कारण से आरोपीयों को बरी कर दिया गया।

‌ पहलू के बेटे ने फैसले पर जताया अफसोस

उधर , कोर्ट के फैसले पर पहलू के बेटे इरशाद ने अफसोस जाहिर किया है । उन्होंने कहा कि वह इस फैसले से खुश नहीं है और आगे अपील करेंगे । कोर्ट में फैसला सुनाते वक्त कहा गया कि पुलिस आरोपियों को दोषी साबित नहीं कर पाई है । अडिशनल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर योगेंद्र खटाना ने कहा , ' कोर्ट ने लिंचिंग के सभी 6 आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया । ' उन्होंने यह भी कहा , ' फैसले की प्रति अभी हमें नहीं मिली है । फैसले का अध्ययन करने के बाद हम अपील करेंगे ।

 फैसला राजनीतिक रोटियां सेंकने वालों को तमाचा : बचाव पक्ष

बचाव पक्ष के वकील हुकुम चंद शर्मा ने अदालत के फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए कहा , ' यह उन लोगों के मुंह पर करारा तमाचा है , जो इस मामले की आड़ में अपनी राजनीतिक रोटियां सेकने की कोशिश कर रहे थे । ' पहलू खान पक्ष के वकील कासिम खान ने कहा , ' अदालत के फैसले की प्रति मिलने के बाद हम इसका अध्ययन करेंगे और आगे अपील करेंगे । हमें उम्मीद है कि हमें न्याय मिलेगा ।

नेता प्रतिपक्ष बोले , मामले को विशेष रंग दिया गया

इस बहुचर्चित घटना के समय राज्य के गृहमंत्री रहे और फिलहाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया ने अदालत का फैसला आने के बाद कहा , ' मैं शुरू से ही इस मामले में स्पष्ट था कि कानून की अवहेलना करने वालों के खिलाफ कार्रवाई हो । इस मामले को एक विशेष ( राजनीतिक ) रंग देकर देश भर में उठाया गया मानों हम इस तरह की हत्याओं के पक्षकार हैं ।

 इन लोगों को किया गया बरी

न्यायाधीश डॉ . सरिता स्वामी ने 7 अगस्त को दोनों पक्षों की बहस और अंतिम जिरह सुनने के बाद अपना फैसला बुधवार के लिए सुरक्षित रख लिया था । बालिग आरोपियों में विपिन यादव , रविंद्र कुमार , कालूराम , दयानंद , योगेश कुमार और भीम राठी शामिल थे , जिन्हें अदालत ने बरी कर दिया ।


                          Aap ki is Baare me kya Raye hai..

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